श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 89: बुध और इला का समागम तथा पुरुरवा की उत्पत्ति  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.89.12 
तच्छ्रुत्वा तस्य राजर्षेर्नष्टसंज्ञस्य भाषितम्।
प्रत्युवाच शुभं वाक्यं सान्त्वयन् परया गिरा॥ १२॥
 
 
अनुवाद
‘राजा को स्त्रीत्व प्राप्त करने की स्मृति लुप्त हो गई थी।’ उसकी बात सुनकर बुद्ध ने अपने उत्तम वचनों द्वारा उसे सान्त्वना दी और ये शुभ वचन कहे-॥12॥
 
‘The King had lost his memory of attaining womanhood. After listening to him, Buddha consoled him with his excellent words and said these auspicious words -॥ 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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