vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 89: बुध और इला का समागम तथा पुरुरवा की उत्पत्ति
»
श्लोक 1
श्लोक
7.89.1
श्रुत्वा किंपुरुषोत्पत्तिं लक्ष्मणो भरतस्तथा।
आश्चर्यमिति च ब्रूतामुभौ रामं जनेश्वरम्॥ १॥
अनुवाद
किम्पुरुष वंश की उत्पत्ति की यह कथा सुनकर लक्ष्मण और भरत दोनों ने राजा राम से कहा, ‘यह बड़े आश्चर्य की बात है।’ ॥1॥
On hearing this story of the origin of the Kimpurusha race, Lakshmana and Bharata both said to King Rama, 'This is a matter of great surprise.' ॥1॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd