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ramayan 7.88.19: "ब्रह्मन्! यह सुन्दरी हमारी सनातन स्वामिनी है। इसका कोई पति नहीं है। यह अपनी इच्छानुसार हमारे साथ वन में विचरण करती है।" ॥19॥   |   ramayan सर्ग 7.88: इला और बुध का एक-दूसरे को देखना तथा बुध का उन सब स्त्रियोंको किंपुरुषी नाम देकर पर्वत पर रहने के लिये आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 88: इला और बुध का एक-दूसरे को देखना तथा बुध का उन सब स्त्रियोंको किंपुरुषी नाम देकर पर्वत पर रहने के लिये आदेश देना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.88.19 
अस्माकमेषा सुश्रोणी प्रभुत्वे वर्तते सदा।
अपति: काननान्तेषु सहास्माभिश्चरत्यसौ॥ १९॥
 
 
अनुवाद
"ब्रह्मन्! यह सुन्दरी हमारी सनातन स्वामिनी है। इसका कोई पति नहीं है। यह अपनी इच्छानुसार हमारे साथ वन में विचरण करती है।" ॥19॥
 
"Brahman! This beautiful lady is our eternal mistress. She has no husband. She roams with us in the forest region according to her wish." ॥19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)