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इलां निरीक्षमाणस्तु त्रैलोक्यादधिकां शुभाम्।
चित्तं समभ्यतिक्रामत् का न्वियं देवताधिका॥ १३॥
अनुवाद
इला तीनों लोकों में सबसे सुंदर स्त्री थी। उसे देखकर बुद्ध का मन उस पर मोहित हो गया और वे सोचने लगे, 'यह कौन स्त्री है, जो स्वर्ग की अप्सराओं से भी अधिक सुंदर है?' 13.
Ila was the most beautiful woman in the three worlds. Seeing her, Buddha's mind became attracted to her and he started thinking, 'Who is this woman, who is more beautiful than even the celestial nymphs?' 13.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥