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श्लोक 7.87.29  |
एवं स राजा पुरुषो मासं भूत्वाथ कार्दमि:।
त्रैलोक्यसुन्दरी नारी मासमेकमिलाभवत्॥ २९॥ |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार कर्दमपुत्र राजा इल एक मास तक पुरुष रूप में रहे और फिर एक मास तक तीनों लोकों में सुन्दर स्त्री के रूप में रहे॥ ॥ 29॥ |
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| ‘In this way, King Il, the son of Kardama, lived as a man for one month and then lived as a beautiful woman in the three worlds for one month.’॥ 29॥ |
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इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये उत्तरकाण्डे सप्ताशीतितम: सर्ग: ॥ ८ ७॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें सतासीवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ ८ ७॥ |
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