Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.82.16: जैसे देवता लोग सहस्र नेत्रों वाले इन्द्र की पूजा करते हैं, उसी प्रकार महेन्द्र के समान तेजस्वी श्री रामजी के विदा होते समय मुनियों के समूह ने उन्हें सब ओर से आशीर्वाद दिया॥16॥ | ramayan सर्ग 7.82: श्रीराम का अगस्त्य-आश्रम से अयोध्यापुरी को लौटना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे देवता लोग सहस्र नेत्रों वाले इन्द्र की पूजा करते हैं, उसी प्रकार महेन्द्र के समान तेजस्वी श्री रामजी के विदा होते समय मुनियों के समूह ने उन्हें सब ओर से आशीर्वाद दिया॥16॥
Just as the gods worship the thousand-eyed Indra, similarly, when Sri Rama, who was as radiant as Mahendra, was departing, the group of sages blessed him from all sides. ॥16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥