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ramayan 7.81.4: ‘देखो, शास्त्रविरुद्ध आचरण करने वाला अज्ञानी राजा दण्ड क्रोधवश मुझसे किस प्रकार अग्निदाह के समान घोर विपत्ति प्राप्त कर रहा है॥4॥   |   ramayan सर्ग 7.81: शुक्र के शाप से सपरिवार राजा दण्ड और उनके राज्य का नाश   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 81: शुक्र के शाप से सपरिवार राजा दण्ड और उनके राज्य का नाश  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.81.4 
पश्यध्वं विपरीतस्य दण्डस्याविदितात्मन:।
विपत्तिं घोरसंकाशां क्रुद्धादग्निशिखामिव॥ ४॥
 
 
अनुवाद
‘देखो, शास्त्रविरुद्ध आचरण करने वाला अज्ञानी राजा दण्ड क्रोधवश मुझसे किस प्रकार अग्निदाह के समान घोर विपत्ति प्राप्त कर रहा है॥4॥
 
‘Look, how the ignorant King Danda, who behaves contrary to the scriptures, gets a severe calamity like a fire-stick from me due to his anger. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)