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सोऽपश्यदरजां दीनां रजसा समभिप्लुताम्।
ज्योत्स्नामिव ग्रहग्रस्तां प्रत्यूषे न विराजतीम्॥ २॥
अनुवाद
उसने देखा कि आरजा दुःख से रो रही है। उसका शरीर धूल से ढका हुआ था और वह राहु से प्रभावित प्रातःकालीन चन्द्रमा की मन्द चाँदनी के समान सुन्दर नहीं लग रही थी।
He saw that Aarja was crying in sorrow. Her body was covered with dust and she was not looking beautiful like the dull moonlight of the morning moon affected by Rahu.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥