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स तथोक्त्वा मुनिजनमरजामिदमब्रवीत्।
इहैव वस दुर्मेधे आश्रमे सुसमाहिता॥ १३॥
अनुवाद
आश्रम में निवास करने वाले ऋषियों से ऐसा कहकर शुक्र ने अरजा से कहा - 'हे कुटिल बुद्धि वाली कन्या! तुम इसी आश्रम में भगवान के ध्यान में मन लगाकर रहो।॥13॥
After saying this to the sages residing in the ashram, Shukra said to Aarja - 'You girl with a crooked mind! You stay here in this ashram, concentrating your mind on the meditation of God.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥