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ramayan 7.80.2: ककुत्स्थ! तत्पश्चात् राजा दण्डने ने अपने मन और इन्द्रियों को वश में करके बहुत वर्षों तक वहाँ निर्विघ्न राज्य किया॥2॥   |   ramayan सर्ग 7.80: राजा दण्डका भार्गव-कन्या के साथ बलात्कार   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 80: राजा दण्डका भार्गव-कन्या के साथ बलात्कार  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.80.2 
तत: स दण्ड: काकुत्स्थ बहुवर्षगणायुतम्।
अकरोत् तत्र दान्तात्मा राज्यं निहतकण्टकम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
ककुत्स्थ! तत्पश्चात् राजा दण्डने ने अपने मन और इन्द्रियों को वश में करके बहुत वर्षों तक वहाँ निर्विघ्न राज्य किया॥2॥
 
Kakutstha! Thereafter, King Dandane controlled his mind and senses and ruled there uninterruptedly for many years. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)