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ramayan 7.80.12: "मेरे पिता अपने क्रोध से सम्पूर्ण तीनों लोकों को जला सकते हैं; इसलिए हे सुन्दर अंगों वाले राजा! मेरे साथ बलात्कार न करें। यदि आप प्रार्थना करें, तो मेरे पिता मुझे अवश्य ही आपको सौंप देंगे।"॥12॥   |   ramayan सर्ग 7.80: राजा दण्डका भार्गव-कन्या के साथ बलात्कार   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 80: राजा दण्डका भार्गव-कन्या के साथ बलात्कार  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.80.12 
क्रोधेन हि पिता मेऽसौ त्रैलोक्यमपि निर्दहेत्।
दास्यते चानवद्याङ्ग तव मा याचित: पिता॥ १२॥
 
 
अनुवाद
"मेरे पिता अपने क्रोध से सम्पूर्ण तीनों लोकों को जला सकते हैं; इसलिए हे सुन्दर अंगों वाले राजा! मेरे साथ बलात्कार न करें। यदि आप प्रार्थना करें, तो मेरे पिता मुझे अवश्य ही आपको सौंप देंगे।"॥12॥
 
"My father can burn the entire three worlds with his anger; therefore, O king with beautiful limbs! Do not rape me. If you request, my father will surely hand me over to you."॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)