Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.8.27: आप इन प्रजा के रचयिता हैं और शरणागतों पर दया करते हैं। जब-जब धर्म-व्यवस्था को नष्ट करने वाले डाकू उत्पन्न होते हैं, तब-तब उनका संहार करने के लिए आप समय-समय पर अवतार लेते हैं।॥27॥ | ramayan सर्ग 7.8: माल्यवान् का युद्ध और पराजय तथा सुमाली आदि सब राक्षसों का रसातल में प्रवेश । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आप इन प्रजा के रचयिता हैं और शरणागतों पर दया करते हैं। जब-जब धर्म-व्यवस्था को नष्ट करने वाले डाकू उत्पन्न होते हैं, तब-तब उनका संहार करने के लिए आप समय-समय पर अवतार लेते हैं।॥27॥
You are the creator of these people and have mercy on those who seek refuge. Whenever bandits are born who destroy the system of religion, you take incarnation from time to time to kill them. ॥27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥