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ramayan 7.8.25: शंख, चक्र और गदा धारण करने वाले भगवान नारायण के अतिरिक्त कोई भी उन शत्रु दैत्यों को नहीं मार सकता जो देवताओं के लिए काँटे हैं ॥25॥   |   ramayan सर्ग 7.8: माल्यवान् का युद्ध और पराजय तथा सुमाली आदि सब राक्षसों का रसातल में प्रवेश   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.8.25 
न चान्यो राक्षसान् हन्ता सुरारीन् देवकण्टकान्।
ऋते नारायणं देवं शङ्खचक्रगदाधरम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
शंख, चक्र और गदा धारण करने वाले भगवान नारायण के अतिरिक्त कोई भी उन शत्रु दैत्यों को नहीं मार सकता जो देवताओं के लिए काँटे हैं ॥25॥
 
No one other than Lord Narayana, who holds the conch, discus and mace, can kill those enemy demons who are thorns for the gods. ॥25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)