Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.8.24: श्रीराम! प्राचीन राक्षसों का पराक्रम पुलस्त्यवंशी राक्षसों से भी अधिक था, जिनका आपने नाश किया है। सुमाली, माल्यवान और माली तथा उनके पीछे आने वाले योद्धा - ये सभी महाभाग निशाचर रावण से भी अधिक बलवान थे। | ramayan सर्ग 7.8: माल्यवान् का युद्ध और पराजय तथा सुमाली आदि सब राक्षसों का रसातल में प्रवेश । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये त्वया निहतास्ते तु पौलस्त्या नाम राक्षसा:।
सुमाली माल्यवान् माली ये च तेषां पुर:सरा:।
सर्व एते महाभागा रावणाद् बलवत्तरा:॥ २४॥
अनुवाद
श्रीराम! प्राचीन राक्षसों का पराक्रम पुलस्त्यवंशी राक्षसों से भी अधिक था, जिनका आपने नाश किया है। सुमाली, माल्यवान और माली तथा उनके पीछे आने वाले योद्धा - ये सभी महाभाग निशाचर रावण से भी अधिक बलवान थे।
Sriram! The bravery of the ancient demons was greater than the demons of Pulastya dynasty whom you have destroyed. Sumali, Malyavan and Mali and the warriors who followed them - all these Mahabhags were stronger than the nocturnal Ravana. 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥