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ramayan 7.8.23: हे रघुश्रेष्ठ! वे प्रसिद्ध पराक्रमी निशाचर सालकटंकट वंश में उपस्थित राक्षस सुमाली के आश्रय में रहने लगे।   |   ramayan सर्ग 7.8: माल्यवान् का युद्ध और पराजय तथा सुमाली आदि सब राक्षसों का रसातल में प्रवेश   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.8.23 
सुमालिनं समासाद्य राक्षसं रघुसत्तम।
स्थिता: प्रख्यातवीर्यास्ते वंशे सालकटङ्कटे॥ २३॥
 
 
अनुवाद
हे रघुश्रेष्ठ! वे प्रसिद्ध पराक्रमी निशाचर सालकटंकट वंश में उपस्थित राक्षस सुमाली के आश्रय में रहने लगे।
 
Raghushreshtha! He started living under the shelter of Sumali, the demon present in the famous valiant nocturnal Salakatankat dynasty.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)