Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.8.21: कमलनयन श्री राम! इस प्रकार उन दैत्यों ने भगवान विष्णु के साथ अनेक बार युद्ध किया और प्रत्येक युद्ध में जब उनके प्रधान सरदार मारे गए, तब उन सबको भागना पड़ा॥21॥ | ramayan सर्ग 7.8: माल्यवान् का युद्ध और पराजय तथा सुमाली आदि सब राक्षसों का रसातल में प्रवेश । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं ते राक्षसा राम हरिणा कमलेक्षण।
बहुश: संयुगे भग्ना हतप्रवरनायका:॥ २१॥
अनुवाद
कमलनयन श्री राम! इस प्रकार उन दैत्यों ने भगवान विष्णु के साथ अनेक बार युद्ध किया और प्रत्येक युद्ध में जब उनके प्रधान सरदार मारे गए, तब उन सबको भागना पड़ा॥21॥
Kamalnayan Shri Ram! In this way those demons fought with Lord Vishnu many times and in each battle when the main leaders were killed, they all had to flee. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥