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श्लोक  7.8.20 
पक्षवातबलोद्‍धूतो माल्यवानपि राक्षस:।
स्वबलेन समागम्य ययौ लङ्कां ह्रिया वृत:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
गरुड़ के पंखों की हवा से उड़कर राक्षस माल्यवान लज्जित हो गया और अपनी सेना के साथ लंका की ओर चल पड़ा।
 
The demon Malyavan, blown away by the wind from Garuda's wings, felt ashamed and joined his army and went towards Lanka.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)