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ramayan 7.8.19: अपने बड़े भाई को पक्षीराज के पंखों से उड़ा हुआ देखकर सुमाली अपने सैनिकों के साथ लंका की ओर चल पड़ा।   |   ramayan सर्ग 7.8: माल्यवान् का युद्ध और पराजय तथा सुमाली आदि सब राक्षसों का रसातल में प्रवेश   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.8.19 
द्विजेन्द्रपक्षवातेन द्रावितं दृश्य पूर्वजम्।
सुमाली स्वबलै: सार्धं लङ्कामभिमुखो ययौ॥ १९॥
 
 
अनुवाद
अपने बड़े भाई को पक्षीराज के पंखों से उड़ा हुआ देखकर सुमाली अपने सैनिकों के साथ लंका की ओर चल पड़ा।
 
Seeing his elder brother being blown away by the wings of the king of birds, Sumali along with his soldiers proceeded towards Lanka.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)