Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.8.10: माल्यवान के हाथ से छूटकर वह शक्ति घंटे के समान ध्वनि करती हुई श्रीहरि के वक्षस्थल पर जा लगी और बादलों में चमकती हुई बिजली के समान शोभायमान होने लगी। | ramayan सर्ग 7.8: माल्यवान् का युद्ध और पराजय तथा सुमाली आदि सब राक्षसों का रसातल में प्रवेश । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
माल्यवान के हाथ से छूटकर वह शक्ति घंटे के समान ध्वनि करती हुई श्रीहरि के वक्षस्थल पर जा लगी और बादलों में चमकती हुई बिजली के समान शोभायमान होने लगी।
Freed from Malyavan's hand, that Shakti making a bell-like sound went to Shri Hari's chest and started looking beautiful like lightning flashing in the clouds.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥