श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 79: इक्ष्वाकुपुत्र राजा दण्डका राज्य  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.79.10 
तस्माद् दण्डे महाबाहो यत्नवान् भव पुत्रक।
धर्मो हि परमो लोके कुर्वतस्ते भविष्यति॥ १०॥
 
 
अनुवाद
"इसलिए हे महाबाहो! तुम दण्ड का उचित प्रयोग करने का प्रयत्न करो। ऐसा करने से तुम्हें संसार में परम धर्म की प्राप्ति होगी ॥10॥
 
“That's why great-armed son! You should try to use the punishment appropriately. By doing this you will attain the supreme religion in the world. 10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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