Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.78.14: यह सुनकर ब्रह्माजी ने मुझसे कहा - 'सुदेवनन्दन! तुम मृत्युलोक में प्रतिदिन अपने शरीर का स्वादिष्ट मांस खाओ; यही तुम्हारा आहार है॥14॥ | ramayan सर्ग 7.78: राजा श्वेत का अगस्त्यजी को अपने लिये घृणित आहार की प्राप्ति का कारण बताते हुए ब्रह्माजी के साथ हुए अपनी वार्ता को उपस्थित करना और उन्हें दिव्य आभूषण का दान दे भूख-प्यास के कष्ट से मुक्त होना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह सुनकर ब्रह्माजी ने मुझसे कहा - 'सुदेवनन्दन! तुम मृत्युलोक में प्रतिदिन अपने शरीर का स्वादिष्ट मांस खाओ; यही तुम्हारा आहार है॥14॥
Hearing this, Lord Brahma said to me, 'Sudevanandan! You should eat the delicious flesh of your own body in the mortal world every day; this is your diet.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥