vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 76: श्रीराम के द्वारा शम्बूक का वध, देवताओं द्वारा उनकी प्रशंसा, अगस्त्याश्रम पर महर्षि अगस्त्य के द्वारा उनका सत्कार और उनके लिये आभूषण-दान
»
श्लोक 9
श्लोक
7.76.9
देवानां भाषितं श्रुत्वा राम: सत्यपराक्रम:।
उवाच प्राञ्जलिर्वाक्यं सहस्राक्षं पुरंदरम्॥ ९॥
अनुवाद
देवताओं के ये वचन सुनकर महाबली श्री राम ने दोनों हाथ जोड़कर हजार नेत्रों वाले देवराज इन्द्र से कहा -
Hearing these words of the Gods, the mighty Shri Ram folded both his hands and said to the thousand-eyed Devraj Indra -
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd