vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 76: श्रीराम के द्वारा शम्बूक का वध, देवताओं द्वारा उनकी प्रशंसा, अगस्त्याश्रम पर महर्षि अगस्त्य के द्वारा उनका सत्कार और उनके लिये आभूषण-दान
»
श्लोक 19
श्लोक
7.76.19
स तथेति प्रतिज्ञाय देवानां रघुनन्दन:।
आरुरोह विमानं तं पुष्पकं हेमभूषितम्॥ १९॥
अनुवाद
फिर 'बहुत अच्छा' कहकर रघुकुलनन्दन श्री रामजी सुवर्ण से सुसज्जित पुष्पक विमान पर सवार हुए और देवताओं के समक्ष वहाँ जाने की प्रतिज्ञा की॥19॥
Then saying 'very good', Raghukulnandan Shri Ram boarded the golden decorated Pushpak Vimana and vowed to go there in front of the gods. 19॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd