यो ह्यधर्ममकार्यं वा विषये पार्थिवस्य तु॥ २९॥
करोति चाश्रीमूलं तत्पुरे वा दुर्मतिर्नर:।
क्षिप्रं च नरकं याति स च राजा न संशय:॥ ३०॥
अनुवाद
जो कोई मूर्ख मनुष्य किसी राजा के राज्य या नगर में अधर्म या अवांछनीय कर्म करता है, उसका वह कर्म उस राजा के राज्य में दरिद्रता का कारण बनता है और इसमें संदेह नहीं कि वह राजा शीघ्र ही नरक में गिर जाता है॥29-30॥
Any foolish person who commits an unrighteous act or an undesirable deed in the kingdom or city of any king, his act becomes the cause of poverty in that king's kingdom and there is no doubt that the king soon falls into hell.॥ 29-30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥