श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 74: नारदजी का श्रीराम से एक तपस्वी शूद्र के अधर्माचरण को ब्राह्मण-बालक की मृत्यु में कारण बताना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.74.23 
तत: पादमधर्मस्य द्वितीयमवतारयत्।
ततो द्वापरसंख्या सा युगस्य समजायत॥ २३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् अधर्म पृथ्वी पर अपना दूसरा पैर रखता है। दूसरे पैर के कारण ही उस युग का नाम 'द्वापर' पड़ा है॥ 23॥
 
‘Thereafter Adharma puts his second foot on the earth. Because of the second footstep, that era has been named ‘Dwapara’.॥ 23॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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