श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 74: नारदजी का श्रीराम से एक तपस्वी शूद्र के अधर्माचरण को ब्राह्मण-बालक की मृत्यु में कारण बताना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.74.1 
तथा तु करुणं तस्य द्विजस्य परिदेवनम्।
शुश्राव राघव: सर्वं दु:खशोकसमन्वितम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
महाराज श्री राम ने उस ब्राह्मण की दुःख और शोक से भरी हुई पूरी पुकार सुनी ॥1॥
 
Maharaja Sri Ram heard the whole cry of that Brahmin, filled with sorrow and grief. ॥1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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