Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.73.18: 'अतः यह स्पष्ट है कि राजा ने नगर या राज्य में कहीं न कहीं अवश्य ही कोई अपराध किया होगा; तभी बालक की इस प्रकार मृत्यु हुई है, इसमें कोई संदेह नहीं है।'   |   ramayan सर्ग 7.73: एक ब्राह्मण का अपने मरे हुए बालक को राजद्वार पर लाना तथा राजा को ही दोषी बताकर विलाप करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 73: एक ब्राह्मण का अपने मरे हुए बालक को राजद्वार पर लाना तथा राजा को ही दोषी बताकर विलाप करना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  7.73.18 
सुव्यक्तं राजदोषो हि भविष्यति न संशय:।
पुरे जनपदे चापि तथा बालवधो ह्ययम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
'अतः यह स्पष्ट है कि राजा ने नगर या राज्य में कहीं न कहीं अवश्य ही कोई अपराध किया होगा; तभी बालक की इस प्रकार मृत्यु हुई है, इसमें कोई संदेह नहीं है।'
 
‘Therefore it is clear that the king must have committed a crime somewhere in the city or the kingdom; that is why the child has died in this manner, there is no doubt about it.’
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)