Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.73.17: ‘अथवा जब नगरों और जनपदों में रहने वाले लोग गलत कर्म करते हैं और उनकी रक्षा का कोई प्रबंध नहीं होता, तथा उन्हें गलत कर्म करने से रोकने का कोई उपाय नहीं किया जाता, तब देश के लोगों में अकाल मृत्यु का भय उत्पन्न हो जाता है।॥17॥ | ramayan सर्ग 7.73: एक ब्राह्मण का अपने मरे हुए बालक को राजद्वार पर लाना तथा राजा को ही दोषी बताकर विलाप करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यद् वा पुरेष्वयुक्तानि जना जनपदेषु च।
कुर्वते न च रक्षास्ति तदा कालकृतं भयम्॥ १७॥
अनुवाद
‘अथवा जब नगरों और जनपदों में रहने वाले लोग गलत कर्म करते हैं और उनकी रक्षा का कोई प्रबंध नहीं होता, तथा उन्हें गलत कर्म करने से रोकने का कोई उपाय नहीं किया जाता, तब देश के लोगों में अकाल मृत्यु का भय उत्पन्न हो जाता है।॥17॥
‘Or when the people living in the cities and districts commit wrong deeds and there is no arrangement for their protection, and no measures are taken to stop them from doing wrong deeds, then the fear of untimely death arises among the people of the country.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥