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सम्प्रत्यनाथो विषय इक्ष्वाकूणां महात्मनाम्।
रामं नाथमिहासाद्य बालान्तकरणं ध्रुवम्॥ १५॥
अनुवाद
इक्ष्वाकुवंश के महान राजाओं का यह राज्य अब अनाथ हो गया है। श्री राम को स्वामी पाकर यहाँ के बालकों की मृत्यु निश्चित है॥ 15॥
‘This kingdom of the great kings of the Ikshwaku dynasty has now become orphan. Having got Shri Ram as their master, the death of the children here is certain.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥