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ramayan 7.73.13: हे पराक्रमी राजा! हम लोग आपके राज्य में बहुत सुख से रह चुके हैं, इसलिए आप अपने भाइयों सहित दीर्घायु होंगे॥13॥   |   ramayan सर्ग 7.73: एक ब्राह्मण का अपने मरे हुए बालक को राजद्वार पर लाना तथा राजा को ही दोषी बताकर विलाप करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 73: एक ब्राह्मण का अपने मरे हुए बालक को राजद्वार पर लाना तथा राजा को ही दोषी बताकर विलाप करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.73.13 
भ्रातृभि: सहितो राजन् दीर्घमायुरवाप्स्यसि।
उषिता: स्म सुखं राज्ये तवास्मिन् सुमहाबल॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे पराक्रमी राजा! हम लोग आपके राज्य में बहुत सुख से रह चुके हैं, इसलिए आप अपने भाइयों सहित दीर्घायु होंगे॥13॥
 
O mighty king! We have lived very happily in your kingdom, therefore you will live long along with your brothers.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)