श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 73: एक ब्राह्मण का अपने मरे हुए बालक को राजद्वार पर लाना तथा राजा को ही दोषी बताकर विलाप करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.73.10 
रामस्य दुष्कृतं किञ्चिन्महदस्ति न संशय:।
यथा हि विषयस्थानां बालानां मृत्युरागत:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
यह निःसन्देह श्री राम का कोई महान् दुष्कर्म है, जिसके कारण उनके राज्य में रहने वाले बालक मरने लगे॥10॥
 
It is undoubtedly some great misdeed of Shri Ram, due to which the children living in his kingdom started dying.॥ 10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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