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श्लोक 7.72.15  |
काले काले तु मां वीर अयोध्यामवलोकितुम्।
आगच्छ त्वं नरश्रेष्ठ गन्तासि च पुरं तव॥ १५॥ |
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| अनुवाद |
| हे वीर पुरुषो! समय-समय पर मुझसे मिलने अयोध्या आया करो और फिर अपने नगर को लौट जाया करो॥15॥ |
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| ‘O bravest of men! Come to Ayodhya to meet me from time to time and then return to your city.॥ 15॥ |
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