श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 72: वाल्मीकिजी से विदा ले शत्रुघ्नजी का अयोध्या में जाकर श्रीराम आदि से मिलना और सात दिनोंतक वहाँ रहकर पुनः मधुपुरी को प्रस्थान करना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  7.72.15 
काले काले तु मां वीर अयोध्यामवलोकितुम्।
आगच्छ त्वं नरश्रेष्ठ गन्तासि च पुरं तव॥ १५॥
 
 
अनुवाद
हे वीर पुरुषो! समय-समय पर मुझसे मिलने अयोध्या आया करो और फिर अपने नगर को लौट जाया करो॥15॥
 
‘O bravest of men! Come to Ayodhya to meet me from time to time and then return to your city.॥ 15॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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