श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 71: शत्रुघ्न का थोड़े-से सैनिकों के साथ अयोध्या को प्रस्थान, मार्ग में वाल्मीकि के आश्रम में रामचरित का गान सुनकर उन सबका आश्चर्यचकित होना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.71.1 
ततो द्वादशमे वर्षे शत्रुघ्नो रामपालिताम्।
अयोध्यां चकमे गन्तुमल्पभृत्यबलानुग:॥ १॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् बारहवें वर्ष में शत्रुघ्न ने कुछ सेवकों और सैनिकों को साथ लेकर भगवान राम के धाम अयोध्या जाने का निश्चय किया॥1॥
 
Thereafter, in the twelfth year, taking along with him a few servants and soldiers, Shatrughna decided to go to Ayodhya, the home of Lord Rama.॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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