Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.70.17: इस प्रकार देवताओं की नगरी के समान सुन्दर मधुरपुरी में निवास करके, जो नाना प्रकार के लोगों से परिपूर्ण थी, रघुवंश की वृद्धि करने वाले राजा शत्रुघ्न ने श्री रघुनाथजी के चरणों के दर्शन करने का विचार किया। | ramayan सर्ग 7.70: देवताओं से वरदान पा शत्रुघ्न का मधुरापुरी को बसाकर बारहवें वर्ष में वहाँ से श्रीराम के पास जाने का विचार करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार देवताओं की नगरी के समान सुन्दर मधुरपुरी में निवास करके, जो नाना प्रकार के लोगों से परिपूर्ण थी, रघुवंश की वृद्धि करने वाले राजा शत्रुघ्न ने श्री रघुनाथजी के चरणों के दर्शन करने का विचार किया।
Having thus inhabited the beautiful Madhurapuri, which was like the city of gods and was filled with people of various kinds, king Shatrughna, who had increased the dynasty of Raghus, thought of seeing the feet of Sri Raghunathji.
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये उत्तरकाण्डे सप्ततितम: सर्ग: ॥ ७ ०॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें सत्तरवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ ७ ०॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥