श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 69: शत्रुघ्न और लवणासुर का युद्ध तथा लवण का वध  »  श्लोक 30-31h
 
 
श्लोक  7.69.30-31h 
तस्य ते देवदेवस्य निशम्य वचनं सुरा:॥ ३०॥
आजग्मुर्यत्र युध्येते शत्रुघ्नलवणावुभौ।
 
 
अनुवाद
देवाधिदेव ब्रह्माजी के ये वचन सुनकर देवतागण उस स्थान पर आये जहाँ शत्रुघ्नजी और लवणासुर का युद्ध हो रहा था ॥30 1/2॥
 
Hearing these words of Devadhidev Brahmaji, the gods came to the place where the battle between Shatrughanji and Lavanasura was taking place. 30 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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