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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 7: उत्तर काण्ड
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सर्ग 69: शत्रुघ्न और लवणासुर का युद्ध तथा लवण का वध
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श्लोक 3
श्लोक
7.69.3
तं ब्रुवाणं तथा वाक्यं लवणं घोरदर्शनम्।
शत्रुघ्नो देवशत्रुघ्न इदं वचनमब्रवीत्॥ ३॥
अनुवाद
भयंकर रूप वाले लवण को इस प्रकार बोलते देख देवताओं के शत्रुओं का नाश करने वाले शत्रुघ्न ने यह कहा-॥3॥
Seeing the fearsome looking Lavana speaking in this manner, Shatrughna, the destroyer of the enemies of the gods, said this -॥ 3॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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