श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 69: शत्रुघ्न और लवणासुर का युद्ध तथा लवण का वध  »  श्लोक 29-30h
 
 
श्लोक  7.69.29-30h 
इतो गच्छत पश्यध्वं वध्यमानं महात्मना॥ २९॥
रामानुजेन वीरेण लवणं राक्षसोत्तमम्।
 
 
अनुवाद
अब तुम सब लोग यहाँ से जाओ और श्री रामचन्द्रजी के छोटे भाई महामनस्वी एवं वीर शत्रुघ्न के हाथों राक्षसप्रधान लवणासुर का वध देखो।’ 29 1/2॥
 
Now you all go from here and see the killing of the demon-dominated Lavanasura by the hands of the great-minded and brave Shatrughna, the younger brother of Shri Ramchandraji.' 29 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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