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ramayan 7.69.22: संसार के समस्त प्राणियों ने वरदाता देव और देव प्रपितामह ब्रह्माजी से कहा - 'प्रभो! समस्त लोकों के विनाश की आशंका से देवता भी भय और मोह से भर गए हैं॥22॥   |   ramayan सर्ग 7.69: शत्रुघ्न और लवणासुर का युद्ध तथा लवण का वध   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 69: शत्रुघ्न और लवणासुर का युद्ध तथा लवण का वध  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.69.22 
उवाच देवदेवेशं वरदं प्रपितामहम्।
देवानां भयसम्मोहो लोकानां संक्षयं प्रति॥ २२॥
 
 
अनुवाद
संसार के समस्त प्राणियों ने वरदाता देव और देव प्रपितामह ब्रह्माजी से कहा - 'प्रभो! समस्त लोकों के विनाश की आशंका से देवता भी भय और मोह से भर गए हैं॥22॥
 
All those living beings in the world said to the God and God Prapitamah Brahmaji, the giver of boons – 'Lord! Even the gods are filled with fear and fascination due to the possibility of destruction of all the worlds. 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)