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श्लोक 7.69.12  |
तत: प्रहस्य लवणो वृक्षमुद्यम्य वीर्यवान्।
शिरस्यभ्यहनच्छूरं स्रस्ताङ्ग: स मुमोह वै॥ १२॥ |
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| अनुवाद |
| तब बलवान लवण ने हँसते हुए एक वृक्ष उठाया और उसे वीर शत्रुघ्न के सिर पर दे मारा। उसके प्रहार से शत्रुघ्न के सारे अंग शिथिल हो गए और वे मूर्छित हो गए॥12॥ |
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| Then the powerful Lavana smilingly picked up a tree and threw it on the head of the valiant Shatrughna. After being hit by it all the limbs of Shatrughna became weak and he fell unconscious.॥12॥ |
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