श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 69: शत्रुघ्न और लवणासुर का युद्ध तथा लवण का वध  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.69.11 
ततो बाणमयं वर्षं व्यसृजद् राक्षसोपरि।
शत्रुघ्नो वीर्यसम्पन्नो विव्यथे न स राक्षस:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
तब महाबली शत्रुघ्न ने राक्षस पर बाणों की वर्षा की, परंतु वह रात्रि प्राणी इससे व्याकुल या विचलित नहीं हुआ ॥11॥
 
Then the mighty Shatrughna showered arrows on the demon, but the night creature was not distressed or perturbed by this. ॥11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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