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ramayan 7.67.19: जब दूत को लौटने में देर हो गई तो राजा बहुत क्रोधित हो गए और उन्होंने राक्षस पर चारों ओर से बाणों की वर्षा करके उसे पीड़ा पहुंचानी शुरू कर दी।   |   ramayan सर्ग 7.67: च्यवन मुनि का शत्रुघ्न को लवणासुर के शूल की शक्ति का परिचय देते हुए राजा मान्धाता के वध का प्रसंग सुनाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 67: च्यवन मुनि का शत्रुघ्न को लवणासुर के शूल की शक्ति का परिचय देते हुए राजा मान्धाता के वध का प्रसंग सुनाना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.67.19 
चिरायमाणे दूते तु राजा क्रोधसमन्वित:।
अर्दयामास तद् रक्ष: शरवृष्टॺा समन्तत:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
जब दूत को लौटने में देर हो गई तो राजा बहुत क्रोधित हो गए और उन्होंने राक्षस पर चारों ओर से बाणों की वर्षा करके उसे पीड़ा पहुंचानी शुरू कर दी।
 
When the messenger was late in returning, the king became very angry and began tormenting the demon from all sides by showering arrows on him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)