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ramayan 7.67.16: उसके हृदय में क्रोध भर गया। तब वे शत्रु मान्धाता के पुत्र मधु को दबाने के लिए सेवकों, सेना और घुड़सवारों के साथ उसकी राजधानी के निकट पहुँचे। 16॥   |   ramayan सर्ग 7.67: च्यवन मुनि का शत्रुघ्न को लवणासुर के शूल की शक्ति का परिचय देते हुए राजा मान्धाता के वध का प्रसंग सुनाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 67: च्यवन मुनि का शत्रुघ्न को लवणासुर के शूल की शक्ति का परिचय देते हुए राजा मान्धाता के वध का प्रसंग सुनाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.67.16 
स कृत्वा हृदयेऽमर्षं सभृत्यबलवाहन:।
आजगाम मधो: पुत्रं वशे कर्तुमरिंदम:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
उसके हृदय में क्रोध भर गया। तब वे शत्रु मान्धाता के पुत्र मधु को दबाने के लिए सेवकों, सेना और घुड़सवारों के साथ उसकी राजधानी के निकट पहुँचे। 16॥
 
He filled his heart with anger. Then they came near his capital with servants, army and horsemen to subdue the son of enemy Mandhata Madhu. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)