श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 65: महर्षि वाल्मीकि का शत्रुघ्न को सुदासपुत्र कल्माषपाद की कथा सुनाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.65.16 
यस्मादनपराधं तं सहायं मम जघ्निवान्।
तस्मात् तवापि पापिष्ठ प्रदास्यामि प्रतिक्रियाम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
"हे महापापी राजा! तूने मेरे निरपराध साथी को मार डाला है, अतः मैं इसका भी बदला तुझसे लूँगा।" ॥16॥
 
"O great sinner king! You have killed my innocent companion, so I will take revenge from you for this too." ॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)