श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 63: श्रीराम द्वारा शत्रुघ्न का राज्याभिषेक तथा उन्हें लवणासुर के शूल से बचने के उपाय का प्रतिपादन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.63.19 
अयं शरस्त्वमोघस्ते दिव्य: परपुरंजय:।
अनेन लवणं सौम्य हन्तासि रघुनन्दन॥ १९॥
 
 
अनुवाद
रघुनन्दन! हे शत्रुघ्न! मैं तुम्हें यह दिव्य अमोघ बाण दे रहा हूँ। इससे तुम लवणासुर का अवश्य ही वध करोगे॥ 19॥
 
Raghunandan! Gentle Shatrughna! I am giving you this divine infallible arrow. You will surely kill Lavanasur with this.॥ 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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