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ramayan 7.61.12: ऐसी बात कहनेवाले उस मधु से सम्पूर्ण प्राणियों के अधिपति भगवान शिवजी ने इस प्रकार कहा - 'ऐसा नहीं हो सकता।' 12॥   |   ramayan सर्ग 7.61: ऋषियों का मधु को प्राप्त हुए वर तथा लवणासुर के बल और अत्याचार का वर्णन करके उससे प्राप्त होनेवाले भय को दूर करने के लिये श्रीरघुनाथजी से प्रार्थना करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 61: ऋषियों का मधु को प्राप्त हुए वर तथा लवणासुर के बल और अत्याचार का वर्णन करके उससे प्राप्त होनेवाले भय को दूर करने के लिये श्रीरघुनाथजी से प्रार्थना करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.61.12 
तं ब्रुवाणं मधुं देव: सर्वभूतपति: शिव:।
प्रत्युवाच महादेवो नैतदेवं भविष्यति॥ १२॥
 
 
अनुवाद
ऐसी बात कहनेवाले उस मधु से सम्पूर्ण प्राणियों के अधिपति भगवान शिवजी ने इस प्रकार कहा - 'ऐसा नहीं हो सकता।' 12॥
 
To that madhu who said such a thing, the great deity Lord Shiva, the ruler of all living beings, said thus - 'This cannot be possible.' 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)