श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 6: देवताओं का भगवान् शङ्कर की सलाह से राक्षसों के वध के लिये भगवान् विष्णुकी शरण में जाना और उनसे आश्वासन पाकर लौटना, राक्षसों का देवताओं पर आक्रमण और भगवान् विष्णु का उनकी सहायता के लिये आना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.6.19 
इत्येवं दैवतैरुक्तो देवदेवो जनार्दन:।
अभयं भयदोऽरीणां दत्त्वा देवानुवाच ह॥ १९॥
 
 
अनुवाद
देवताओं के ऐसा कहने पर देवताओं के स्वामी और शत्रुओं को डराने वाले भगवान जनार्दन ने उन्हें रक्षा का वरदान देते हुए कहा - ॥19॥
 
When the gods said this, Lord Janardan, the lord of gods and the one who scares the enemies, gave them the boon of protection and said - ॥19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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