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ramayan 7.55.19: मुझे आपके आगमन का पता नहीं था, इसलिए मैं सो रहा था। परन्तु आपने क्रोध में भरकर मुझ पर यमदण्ड के समान शापों का आक्रमण किया है॥19॥   |   ramayan सर्ग 7.55: राजा निमि और वसिष्ठ का एक-दूसरे के शाप से देहत्याग   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 55: राजा निमि और वसिष्ठ का एक-दूसरे के शाप से देहत्याग  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.55.19 
अजानत: शयानस्य क्रोधेन कलुषीकृत:।
उक्तवान् मम शापाग्निं यमदण्डमिवापरम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
मुझे आपके आगमन का पता नहीं था, इसलिए मैं सो रहा था। परन्तु आपने क्रोध में भरकर मुझ पर यमदण्ड के समान शापों का आक्रमण किया है॥19॥
 
I was not aware of your arrival, so I was sleeping. But you, tainted by anger, have attacked me with curses like another Yamdanda.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)