Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.55.12: नरेश्वर के राजा नीमिन ने उन ब्राह्मणों को बुलाकर हिमालय के निकट अपने नगर के निकट यज्ञ प्रारम्भ किया। राजा नीमिन ने पाँच हजार वर्षों तक यज्ञ करने की दीक्षा ली। | ramayan सर्ग 7.55: राजा निमि और वसिष्ठ का एक-दूसरे के शाप से देहत्याग । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
निमिस्तु राजा विप्रांस्तान् समानीय नराधिप:।
अयजद्धिमवत्पार्श्वे स्वपुरस्य समीपत:।
पञ्चवर्षसहस्राणि राजा दीक्षामथाकरोत्॥ १२॥
अनुवाद
नरेश्वर के राजा नीमिन ने उन ब्राह्मणों को बुलाकर हिमालय के निकट अपने नगर के निकट यज्ञ प्रारम्भ किया। राजा नीमिन ने पाँच हजार वर्षों तक यज्ञ करने की दीक्षा ली।
The king of Nareshwar Nimin called those Brahmins and started a yajna near his city near the Himalayas. King Nimin took the initiation of performing the yajna for five thousand years.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥