Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.54.3: हे महापुरुष! राजा नृग ने पाप से शापित होने की बात सुनकर उन कुपित ब्राह्मणों से क्या कहा?॥3॥   |   ramayan सर्ग 7.54: राजा नृग का एक सुन्दर गड्ढा बनवाकर अपने पुत्र को राज्य दे स्वयं उसमें प्रवेश करके शाप भोगना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 54: राजा नृग का एक सुन्दर गड्ढा बनवाकर अपने पुत्र को राज्य दे स्वयं उसमें प्रवेश करके शाप भोगना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.54.3 
श्रुत्वा तु पापसंयुक्तमात्मानं पुरुषर्षभ।
किमुवाच नृगो राजा द्विजौ क्रोधसमन्वितौ॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हे महापुरुष! राजा नृग ने पाप से शापित होने की बात सुनकर उन कुपित ब्राह्मणों से क्या कहा?॥3॥
 
O great man! What did King Nriga say to those enraged Brahmins on hearing that he was cursed with sin?'॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)