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श्लोक 7.51.10-11h  |
तच्छ्रुत्वा व्याहृतं वाक्यं राज्ञो दशरथस्य तु॥ १०॥
दुर्वासा: सुमहातेजा व्याहर्तुमुपचक्रमे। |
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| अनुवाद |
| राजा दशरथ के ये वचन सुनकर महाबली ऋषि दुर्वासा बोले -॥10 1/2॥ |
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| ‘Hearing these words of King Dasharatha, the mighty sage Durvasa said -॥10 1/2॥ |
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